एक वक़्त था की इज़हार -ऐ-मोहब्बत के हमें शब्द नहीं मिलते थे मेहरबानी तेरी Shayari - Fakharpur City
एक वक़्त था की इज़हार -ऐ-मोहब्बत के हमें शब्द नहीं मिलते थे मेहरबानी तेरी बेवफ़ाई की हमको शायर बना दिया.. फ़ोटो साभार गूगल अच्छा करते हैं वो ल...
एक वक़्त था की इज़हार -ऐ-मोहब्बत के हमें शब्द नहीं मिलते थे मेहरबानी तेरी बेवफ़ाई की हमको शायर बना दिया.. फ़ोटो साभार गूगल अच्छा करते हैं वो ल...
आज आप की मुलाक़ात उस सख्सियत से करते हैं जो मुशायरो की दुनिया में तो एक अलग पहचान बनाई ही है लेकिन वो समाज सेवा में भी अपनी एक अलग पहचान ब...
मुशायरा की जब बात आती तो हम सब के मन एक ही ख्याल आता है राहत इन्दोरी या मुनव्वर राणा जब हिंदुस्तान की बात आती है तो राहत की यह सायरी बह...